परंडा
परंडा, महाराष्ट्र के धाराशिव जिले (पूर्व में उस्मानाबाद) में स्थित एक ऐतिहासिक शहर और तहसील है। यह अपने किले, धार्मिक स्थलों और सांस्कृतिक महत्व के लिए जाना जाता है। नीचे परंडा से संबंधित संक्षिप्त जानकारी दी गई है: 1. परंडा किला : इतिहास : परंडा किला मध्ययुगीन भारत का एक महत्वपूर्ण किला है, जिसका निर्माण बहमनी सल्तनत के दौरान महमूद गवान ने करवाया। बाद में यह मुगलों, मराठों और विजापुर के आदिलशाह के नियंत्रण में रहा। प्रसिद्ध मुलुखमैदान तोप कभी इस किले में थी। वास्तुकला : बोरी नदी के किनारे स्थित यह किला 35 मीटर लंबा और चौड़ा है, जिसमें जलमहाल जैसे वास्तुशिल्पीय रत्न हैं। नदी इसे प्राकृतिक सुरक्षा प्रदान करती है। महत्व : यह किला ऐतिहासिक और पर्यटन स्थल के रूप में आकर्षण का केंद्र है। 2. धार्मिक स्थल : भैरवनाथ मंदिर, सोंनारी : परंडा के निकट सोंनारी गांव में यह मंदिर स्थित है, जहां महाराष्ट्र की सबसे बड़ी सात दिवसीय यात्रा होती है। यह कई परिवारों का कुलदैवत है। कल्याणस्वामी समाधी : डोमगाव में समर्थ रामदास स्वामी के शिष्य कल्याणस्वामी की समाधी एक प्रमुख आध्यात्मिक स्थल है। 3. भौगोलिक स्थ...