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Showing posts from July, 2025

तलेगांव त्र्यंबक तहसील त्र्यंबकेश्वर, जिला नासिक:

    भूगोल   तलेगांव त्र्यंबक , त्र्यंबकेश्वर तहसील में स्थित है और यह उप-जिला मुख्यालय त्र्यंबक से लगभग 8 किमी दूर है। गांव का पिनकोड 422211 है और यह ग्राम पंचायत ‘तलेगांव ( T)’ के अंतर्गत आता है। गांव का कुल क्षेत्रफल 927 हेक्टेयर के आसपास है , और यह पश्चिमी घाट की हरित पट्टी में स्थित है , जिससे यहां की जलवायु और प्राकृतिक संसाधन समृद्ध हैं[1][3][6]। इतिहास   यह क्षेत्र प्राचीन काल से त्र्यंबकेश्वर के धार्मिक , सांस्कृतिक और कृषि प्रभाव में रहा है। अहिल्या देवी और गौतम ऋषि का आश्रम यही पर था। इसी जगह पर गौतम ऋषि ने तपस्या कर गंगा का गोदावरी के रूप मे अवतरण करने का वरदान मांगा था। जातियाँ और धर्म   गांव में अनुसूचित जनजाति ( ST) की संख्या सर्वाधिक है , जो कुल जनसंख्या का लगभग 85% है। अनुसूचित जाति ( SC) की भी उल्लेखनीय उपस्थिति है। प्रमुख धर्म हिंदू है , और स्थानीय बोली में मराठी , हिंदी , अहिराणी और भीली भाषाएँ प्रचलित हैं[5][7]। खेती   तलेगांव त्र्यंबक में कृषि मुख्य व्यवसाय है। यहां के अधिकांश लोग वर्षा आधारित खेती , धान , मक्का , और स...

मेठघर किला तहसील त्र्यंबकेश्वर, जिला नासिक:

  मेठघर किल्ला , तहसील त्र्यंबकेश्वर , जिला नासिक , महाराष्ट्र का एक गांव है जो अब त्र्यंबकेश्वर नगर परिषद के अधीन हैं।   भूगोल:   मेठघर किल्ला गांव त्र्यंबकेश्वर तहसील में स्थित है , जिसका पिनकोड 422212 है। यह गांव लगभग 927 हेक्टेयर (9.27 वर्ग किमी) क्षेत्रफल में फैला है। गांव का भौगोलिक निर्देशांक लगभग 19.9194° N अक्षांश है। यह त्र्यंबक से लगभग 3 किमी दूरी पर स्थित है , जो इसका सबसे नजदीकी कस्बा है[1][3]। इस गाव का प्रमुख आकर्षण ब्रम्हगिरी पर्वत हैं जहा से गोदावरी नदी का उद्गम होता हैं। पूरा क्षेत्र पहाड़ी हैं। इतिहास:   यह क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से त्र्यंबकेश्वर के धार्मिक और सांस्कृतिक प्रभाव में रहा है , जो गोदावरी नदी के उद्गम और त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के लिए प्रसिद्ध है[7]। मूल रूप से इसी स्थान पर गौतम ऋषि ने अपनी साधना की थी जिसकी सफलता गोदावरी अवतरण से जुड़ी हैं। जातियाँ और धर्म:   सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार , गांव में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की भी आबादी है। मुख्य धर्म हिंदू है , जो पूरे क्षेत्र में प्रमुखता से देखा जाता है[7][8]। सभ...

त्र्यंबक, तहसील त्र्यंबकेश्वर, जिला नासिक:

    भूगोल   त्र्यंबक महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित एक नगर है , जिसकी ऊंचाई लगभग 750 मीटर (2460 फीट) है। यह 19.56° उत्तर अक्षांश और 73.32° पूर्व देशांतर पर स्थित है। त्र्यंबक के निकट ब्रह्मगिरी पर्वत है , जहाँ से पवित्र गोदावरी नदी का उद्गम होता है[1][3][5][9]। इतिहास   त्र्यंबक का इतिहास धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह स्थान गौतम ऋषि की तपोभूमि माना जाता है , जिन्होंने गोहत्या के पाप से मुक्ति के लिए शिव से गंगा के अवतरण का वरदान माँगा था। इसी कारण यहाँ गोदावरी नदी का उद्गम हुआ। त्र्यंबकेश्वर शिव मंदिर , जो बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है , यहाँ स्थित है। इस मंदिर का पुनर्निर्माण मराठा पेशवा बालाजी बाजीराव ने 18वीं सदी में किया था। नासिक में सिंहस्थ कुंभ मेला मूल रूप से त्र्यंबक में आयोजित होता था , लेकिन 1789 में वैष्णव और शैव समुदायों के बीच झड़प के बाद इसे नासिक शहर में स्थानांतरित कर दिया गया[1][3][4][5]। जनसंख्या   2011 की जनगणना के अनुसार , त्र्यंबक की कुल जनसंख्या 12,056 है , जिसमें पुरुष 51% और महिलाएं 49% हैं। यहाँ की सा...