अयोध्या निर्णय प्रश्नोत्तरी: भाग 36
जय श्री राम! बोलो पवनपुत्र हनुमान की जय| बोलो बजरंग बलि की जय| अयोध्या निर्णय के इस प्रश्न उत्तर श्रृखला में आपका स्वागत हैं| प्रश्न: १९५० में गोपाल सिंह विशारादजी को विवादित बाबरी ढाचे में स्थापित रामजी के दर्शन एवम पूजन से किसने रोका? अ) अयोध्या में रहने वाले पाच मुस्लिम आदमियों ने ब) निर्मोही अखाड़े के महंत ने क) सुन्नी केन्द्रीय वक्फ बोर्ड ने ड) फ़ैजाबाद के अपर नगर मजिस्ट्रेट ने उत्तर: अ) अयोध्या में रहने वाले पाच मुस्लिम आदमियों ने| विवादित बाबरी ढाचे में स्थापित रामजी की पूजा तथा भोग के लिए २ से ३ पुजारियों को केवल अनुमति दी गयी थी| बाकी पुरे मस्जिद में दिन भर मुस्लिम लोग रुके रहते थे| जब गोपाल सिंह विशारादजी रामजी के दर्शन तथा पूजन हेतु मस्जिद के भीतर जाने लगे तब मस्जिद में बैठे पाच मुस्लिम आदमियों ने उन्हें रोका था और ये दलील की फ़ैजाबाद के अपर नगर मजिस्ट्रेट के आदेश के अनुसार केवल २ या ३ पुजारी रामजी की पूजा तथा भोग के लिए अन्दर आ सकते हैं| यहाँ एक और बात जानना जरुरी हैं की तत्कालीन गोविन्द वल्लभ पन्त की कांग्रेस की राज्य सरकार रामजी की स्थापित मूर्तियों...