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Showing posts from August, 2023

अयोध्या निर्णय प्रश्नोत्तरी: भाग 36

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       जय श्री राम! बोलो पवनपुत्र हनुमान की जय| बोलो बजरंग बलि की जय| अयोध्या निर्णय के इस प्रश्न उत्तर श्रृखला में आपका स्वागत हैं| प्रश्न: १९५० में गोपाल सिंह विशारादजी को विवादित बाबरी ढाचे में स्थापित रामजी के दर्शन एवम पूजन से किसने रोका? अ) अयोध्या में रहने वाले पाच मुस्लिम आदमियों ने ब) निर्मोही अखाड़े के महंत ने क) सुन्नी केन्द्रीय वक्फ बोर्ड ने ड) फ़ैजाबाद के अपर नगर मजिस्ट्रेट ने उत्तर: अ) अयोध्या में रहने वाले पाच मुस्लिम आदमियों ने| विवादित बाबरी ढाचे में स्थापित रामजी की पूजा तथा भोग के लिए २ से ३ पुजारियों को केवल अनुमति दी गयी थी| बाकी पुरे मस्जिद में दिन भर मुस्लिम लोग रुके रहते थे| जब गोपाल सिंह विशारादजी रामजी के दर्शन तथा पूजन हेतु मस्जिद के भीतर जाने लगे तब मस्जिद में बैठे पाच मुस्लिम आदमियों ने उन्हें रोका था और ये दलील की फ़ैजाबाद के अपर नगर मजिस्ट्रेट के आदेश के अनुसार केवल २ या ३ पुजारी रामजी की पूजा तथा भोग के लिए अन्दर आ सकते हैं| यहाँ एक और बात जानना जरुरी हैं की तत्कालीन गोविन्द वल्लभ पन्त की कांग्रेस की राज्य सरकार रामजी की स्थापित मूर्तियों...

अयोध्या निर्णय प्रश्नोत्तरी: भाग 35

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       जय श्री राम! बोलो पवनपुत्र हनुमान की जय| बोलो बजरंग बलि की जय| अयोध्या निर्णय के इस प्रश्न उत्तर श्रृखला में आपका स्वागत हैं| प्रश्न: रामजन्मभूमि विवाद पर दिए अलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्णय पर दाखिल सभी अपील पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने दी. ८ मार्च २०१९ को मध्यस्थों का पैनल गठित किया था उसके सदस्य कौन थे? अ) जस्टिस फक्किर मो. इब्राहीम कलिफुल्ला, श्री श्री रविशंकर, अधिवक्ता श्री श्रीराम पंचू ब) श्री श्री रविशंकर, कमिश्नर शिव शंकर लाल, डॉ. मो. इस्माइल फारुकी क) नरेन्द्र मोदी, जस्टिस एस यु खान, रामनाथ कोबिंद ड) अरविन्द केजरीवाल, राहुल गाँधी, असदुद्दीन ओवैसी उत्तर: अ) जस्टिस फक्किर मो. इब्राहीम कलिफुल्ला, श्री श्री रविशंकर, अधिवक्ता श्री श्रीराम पंचू ========== प्रश्न: मध्यस्थों के पैनल के रिपोर्ट के अनुसार रामजन्मभूमि विवाद पर कौन समझौता करना चाहता था? अ) परमहंस रामचंद्र दासजी ब) ज़फर अहमद फारुकी क) उमेश चंद्रजी ड) श्री देवेकिनंदन अग्रवालजी उत्तर: ब) ज़फर अहमद फारुकी| जी हा आपको ये किसी भी मीडिया ने नहीं बताया की रामजन्मभूमि विवाद पर समझौता कराने के लि...

अयोध्या निर्णय प्रश्नोत्तरी: भाग 34

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       जय श्री राम! बोलो पवनपुत्र हनुमान की जय| बोलो बजरंग बलि की जय| अयोध्या निर्णय के इस प्रश्न उत्तर श्रृखला में आपका स्वागत हैं| प्रश्न: अलाहाबाद उच्च न्यायालय के समक्ष चल रहे रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद का निर्णय अलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कब दिया? अ) ३० सितम्बर २००४  ब) ३० सितम्बर २००८ क) ३० सितम्बर २०१० ड) ३० सितम्बर २००६ उत्तर: क) ३० सितम्बर २०१०| सरकारी नीतियों के सामने विवश भारत की तथाकथित स्वतंत्र न्याय प्रणाली ने १५३० के दशक में शुरू हुए विवाद पर अपना निर्णय आखिर कार ३० सितम्बर २०१० को दे ही दिया| ========== प्रश्न: ३० सितम्बर २०१० को दिए गए रामजन्मभूमि से जुड़े निर्णय में अलाहाबाद उच्च न्यायालय ने किसे रामजन्मभूमि का स्वामित्व दिया? अ) निर्मोही अखाड़ा को पूरा हिस्सा ब) हिन्दू पक्ष को पूरा हिस्सा क) मुस्लिम पक्ष को पूरा हिस्सा ड) निर्मोही अखाड़ा, हिन्दू पक्ष और मुस्लिम पक्ष तीनो में हर एक को एक तिहाई हिस्सा उत्तर:: ड) निर्मोही अखाड़ा, हिन्दू पक्ष और मुस्लिम पक्ष तीनो में हर एक को एक तिहाई हिस्सा| अलाहाबाद उच्च न्यायालय का यह निर्णय किसी भी पक्ष को रास ...

अयोध्या निर्णय प्रश्नोत्तरी: भाग 33

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       जय श्री राम! बोलो पवनपुत्र हनुमान की जय| बोलो बजरंग बलि की जय| अयोध्या निर्णय के इस प्रश्न उत्तर श्रृखला में आपका स्वागत हैं| प्रश्न: अलाहाबाद उच्च न्यायालय के समक्ष कितने रामजन्मभूमि विवाद में कितने दस्तावेज प्रस्तुत किये गए थे? अ) ५३३ ब) ६०७ क) ३१२ ड) १००४ उत्तर: अ) ५३३| और यही दस्तावेज सही मायने में पढ़ने और उनसे ज्ञान लेने के लायक हैं| भारत के तथाकथित बुद्धिजीवी जो समाज को जाती और धर्म के नाम पर भ्रमित करते आये हैं उनके लिखे पुस्तकों को पढ़कर केवल विद्वेष ही निर्माण होगा जो हिन्दू समाज को जातियों में बाटने के अलावा कुछ नही कर रहा हैं| ========== प्रश्न: अलाहाबाद उच्च न्यायालय के समक्ष रामजन्मभूमि विवाद का रिकॉर्ड कितने पन्नो का हो गया था? अ) १९९० ब) १३९९० क) १००५० ड) १२५३०५ उत्तर: ब) १३९९०| अपने धार्मिक अधिकारों की रक्षा के लिए हिन्दू और मुस्लिम दोनों पक्षों की दलीले तथा दस्तावेजी प्रमाण का रिकॉर्ड १३९९० पन्नो का हैं| और इसके अलावा दोनों पक्ष अपनी बात को सिद्ध करने हेतु संस्कृत, हिंदी, उर्दू, पारसी, तुर्की, फ्रेंच, अंग्रेजी और अन्य भारतीय मूल की कई भाषाओं मे...

अयोध्या निर्णय प्रश्नोत्तरी: भाग 32

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       जय श्री राम! बोलो पवनपुत्र हनुमान की जय| बोलो बजरंग बलि की जय| अयोध्या निर्णय के इस प्रश्न उत्तर श्रृखला में आपका स्वागत हैं| प्रश्न: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने विवादित बाबरी ढाचे तथा रामजन्मभूमि के क्षेत्र में उत्खनन कर किस दिन अपनी रिपोर्ट अलाहाबाद उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की? अ) दी. ५ मार्च २००३ ब) दी. २२ अगस्त २००३   क) दी. २३ अक्तूबर २००२ ड) दी. १७ फ़रवरी २००३ उत्तर: ब) दी. २२ अगस्त २००३   ========== प्रश्न: अलाहाबाद उच्च न्यायालय के समक्ष कितने व्यक्तियों ने रामजन्मभूमि विवाद में शपथपूर्ण साक्ष्य दी थी? अ) २८ ब) १४ क) ७८ ड) ८७ उत्तर: ड) ८७| जी हा स्वतंत्र भारत में अपने धार्मिक अधिकारों की रक्षा हेतु केवल ८७ लोग रामजन्मभूमि मामले में शपथपूर्ण साक्ष्य देने के लिए सामने आये| इसमें दोनों पक्ष के लोग थे| और बाकि बुद्धिजीवी भारत की जनता को केवल धर्म और जातियों के आधार पर विभाजित करने में ही धन्यता मान रहे थे| अगर कोई हिन्दू एकता की बात करता तो उसकी आवाज दबा दी जाती थी| हिन्दुओ में जातीय विद्वेष निर्माण करने वाली कई दस्तावेजी फिल्मे दूरदर्शन ज...

अयोध्या निर्णय प्रश्नोत्तरी: भाग 31

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       जय श्री राम! बोलो पवनपुत्र हनुमान की जय| बोलो बजरंग बलि की जय| अयोध्या निर्णय के इस प्रश्न उत्तर श्रृखला में आपका स्वागत हैं| प्रश्न: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने विवादित बाबरी मस्जिद ढाचे तथा रामजन्मभूमि के वैज्ञानिक अन्वेषण की ग्राउंड-पेनेट्रेटिंग रडार (जीपीआर) रिपोर्ट अलाहाबाद उच्च न्यायालय में कब प्रस्तुत की? अ) दी. २४ अक्तूबर १९९४ ब) दी. २४ जुलाई १९९६ क) दी. २३ अक्तूबर २००२ ड) दी. १७ फ़रवरी २००३ उत्तर: ड) दी. १७ फ़रवरी २००३| ========== प्रश्न: अलाहाबाद उच्च न्यायालय में प्रस्तुत भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की ग्राउंड-पेनेट्रेटिंग रडार (जीपीआर) रिपोर्ट के अनुसार रामजन्मभूमि पर स्थित विवादित ढाचे में क्या मिला? अ) कई स्तम्भ, कई बुनियादी ढाचे, कई दीवारे ब) कुछ भी नहीं क) कुछ पुराने मृत शरीर ड) हड़प्पा जैसा एक गाव उत्तर: अ) कई स्तम्भ, कई बुनियादी ढाचे, कई दीवारे ========== प्रश्न: अलाहाबाद उच्च न्यायालय ने विवादित बाबरी ढाचे तथा रामजन्मभूमि के क्षेत्र में उत्खनन करने हेतु भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को कब आदेश दिए? अ) दी. ५ मार्च २००३ ब) दी. २२ अगस्त २००३   क) ...