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Showing posts from February, 2024

फिल्म भक्त विदुर १९२१

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जय श्री राम भारतीय सिनेमा शुरू से ही कहानियों को बदलकर दिखाता आया है। 1921 में कोहिनूर फिल्म कंपनी ने भक्त विदुर ये फिल्म बनाई। यह फिल्म महाभारत के विदुरजी के जीवन पर आधारित थी। विदुरजी महान विष्णु भक्त थेl एक अच्छे योद्धा भी थे। तलवारबाजी में वह निपुण थे। कौरव राजसभा का मंत्री पद उन्होंने अच्छे से सुशोभित किया था राजनीति और रणनीति दोनों ही विदुरजी को पता थी। विदुरजी कही से भी अहिंसावादी नही थे। इस फिल्म में विदुरजी की छवि गांधीजी जैसी बताई गई। उस समय भारत में ब्रिटिश गवर्नमेंट ने इस फिल्म को बैन कर दिया था क्योंकि विदुरजी को मोहनदास गांधी की तरह बताया गया था। इस फिल्म को कांजी भाई राठौड़ ने निर्देशित किया था और विदुर की मुख्य भूमिका द्वारकादास संपत ने निभाई थी। अंग्रेजों के जमाने से मतलब पिछले 100 सालों से भी ज्यादा समय से भारतीय सिनेमा महाभारत जैसी पवित्र कथा को भी बदल कर बताती आ रही है तो सोचिए आज तक भारतीय सिनेमा ने कितनी कहानियां बदल कर अपने दर्शकों को भ्रमित किया होगा?

कठुआ

जय श्री राम! भारत विविधताओं का देश है। अब यही देखिए जम्मू कश्मीर का कठुआ शहर। इस शहर की बात ही अलग है। शहर मे रावी नदी पर से जाने के लिए अटल सेतु है और अगर आपको रेलवे से जाना है तो वो सुविधा भी है। आप जसरोटा किले जैसे ऐतिहासिक स्थान को देखने के लिए कठुआ तक आकर फिर टैक्सी ले सकते है। अगर आपको बगीचों में घूमना है तो कठुआ में ही ड्रीम पार्क है और डॉ. के के बिरला गार्डन भी है। अगर आपको इंडस्ट्रियल एरिया घूमना है तो वो भी हैं यहां पर। कई मंदिर भी है जहा आप दर्शन करने जा सकते है। और यहां भारतीय सेना की छावनी भी है। तो ऐसे ही विविधताओं से भरा शहर है कठुआ जहा पर लोगो ने उस विविधता को बनाए रखा। पर बात वही की बहोत कम लोग इसके बारे में जानते है। आप अगर जम्मू कश्मीर घूमने जाना चाहते है तो आपको कश्मीर घाटी की सिर्फ चार जगह के लिए टूर पैकेज मिलेंगे, जहा पर आज अनुच्छेद ३७० हटने के बाद भी आए दिन आतंकवादी पकड़े जा रहे है और ये अभी भी सेंसटिव एरिया है। तो अगर आप जम्मू कश्मीर घूमने जाना चाहते है तो कठुआ शहर और कठुआ जिला आपके लिए एक अच्छा विकल्प है।  कठुआ शहर के उत्तर में शिवालिक पर्वत श्रृंखला है और ...

वेरीनाग और झेलम नदी का उदगम

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जय श्री राम! वेरीनाग अनंतनाग जिले में हैं| वेरीनाग को वीरनाग भी कहा जाता हैं| अगर आप कश्मीर घुमने जाना चाहते हैं तो आपको ज्यादातर श्रीनगर, गुलमर्ग, सोनमर्ग इत्यादि का ही पैकेज बेचा जाता हैं| अनंतनाग जिले में आप काफी कुछ देख सकते हैं जो श्रीनगर, गुलमर्ग और सोनमर्ग से भी ज्यादा सुंदर हैं|  जहाँगीर और मुग़ल गार्डन  "वेरीनाग के तालाब को जहाँगीर ने अपने हिसाब से अष्टकोनी कुए का स्वरुप दे दिया और एक गार्डन बना दिया जिसे मुग़ल गार्डन कहते हैं|| ऐसा वामपंथी इतिहासकार कहते हैं| और कुछ लोगों के हिसाब से झेलम का इस कुए से उद्गम होता हैं| पर जब जहाँगीर जैसा आततायी इस जगह पंद्रह साल रहा होंगा तो उसने कई हिन्दूओं का संहार किया और हिंदुत्व की सभी निशानिया या तो मिटा दी, उसपर अपने हिसाब से लुटेरी सोच वाला नकाब पहना दिया, और सारी दीवारों पर पारसी में अपनी वाह वाही लिखवा दी| मुगलों को अपना पूर्वज मानने वाले अलगाववादी कश्मीरी लोग आज की तारीख में उर्दू में अधिकारिक काम करते हैं, कश्मीरी में आपस में बात करते हैं पर ये मुगलों की पारसी भाषा में कुछ भी नहीं करते, ऐसा क्यों? इसका उत्तर अगर पता हो तो कमे...

गुलमर्ग और गोंडोला राइड

जय श्री राम! कश्मीर रीजन के बारामुल्ला जिले में स्वर्ग सी सुंदर जगह हैं गुलमर्ग! कश्मीर में क्या देखा तो गुलमर्ग देखा ये सब कहते हैं|  गुलमर्ग का गोंडोला राइड एशिया की सब्सी उची गोंडोला राइड हैं और दुनिया में दुसरे अनुक्रम पर सब से उची गोंडोला राइड की अनुसूची में आती हैं| यह देश का सबसे बड़ा स्की रिसोर्ट भी हैं| देश के सम्मान में यहाँ बहोत कुछ हैं| और देश के नाम को मिटटी में मिलाने वाले यहाँ के लोगो का बर्ताव भी हैं| पूरा पढ़ना अपने आप समझ जाओगे| देश का गौरव  गुलमर्ग खास कर पहाड़ी चरवाहों की बस्ती थी| ये चरवाहे मूर्तिपूजक थे और विचरती जनजातियों में इनकी गिनती होती थी| पुराने ज़माने के ये मूर्तिपूजक चरवाहे गौरी (पार्वती) के उपासक थे इसीलिए उन्होंने अपने इस स्थान को गौरीमर्ग यह नाम दिया था| आगे १६ वि शताब्दी में युसूफ शाह ने इसका नाम बदल कर गुलमर्ग रख दिया और यहाँ से धर्म को मानने वाले गुल कर दिए गए| अब आते हैं वर्तमान समय के गुलमर्ग पर! आप श्रीनगर से होते हुए जब गुलमर्ग शहर में पोहोचते हैं तो आपके पीछे गाइड, खाच्चरवाले, लॉन्ग स्वेटर और गमबूट किराये पे देने वाले, रेग्जीन के हातमोजे ...

हाउस बोट और दल लेक, श्रीनगर

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जय श्री राम! दल लेक श्रीनगर का मुख्य आकर्षण हैं| यहाँ हाउसबोट में रुकने की व्यवस्था हैं| क्या होती हैं हाउस बोट? दल लेक अपने हाउसबोट के लिए लोकप्रिय हैं| एक ड्राइंग हॉल नुमा कमरा, उसके पीछे डाइनिंग हॉल और उसके बाद छोटी सी पैंट्री जिसमे कुछ नहीं कर सकते. उसके बाद तिन या चार बेडरूम जिसमे अटेच लट्रिन बाथरूम होते हैं| ये सब लकड़े से बना होता हैं और इसे एक बोट का शेप दिया हुआ होता हैं| आपको लगेगा की ये पानी पर चलती होंगी! पर नहीं! ये एक ही जगह फिक्स होती हैं|  हाउसबोट में आपको खुद अपना सामान अपने कमरे तक ले जाना पड़ता हैं| बाथरूम के नाम पर आपको बाथ टब मिलेगा जिसमें आपको लगेगा की आब बाथ टब में मजे करेंगे| पर नहीं! यहाँ आपको बकेट में पानी लेकर बाथ टब में खड़े होकर नहाना हैं| अगर आप एक बूंद भी पानी बाथ टब के बाहर गिरते हो तो आपको हाउस बोट में रूम सर्विस नहीं मिलेंगी, आपको खुद बाथरूम साफ़ करना पड़ेगा| आप सोचेंगे मेरी रूम हैं, डाइनिंग रूम हैं, मैं कही भी बैठ कर खा सकता हु| पर जैसे ही आप खाने बैठेंगे वैसे ही हाउस बोट का नौकर आएगा और बोलेगा, "खाना मत गिराओं, आप को ही साफ़ करना पड़ेगा, कीड़ा लग जाता ह...

केसर खरीदे या नहीं?

जय श्री राम! जब घुमने कश्मीर जाते हैं तब सबको लगता हैं केशर खरीदना चाहिए| कश्मीर का केशर हैं| अपने देश का केशर हैं| यह विचार मन में आते हैं और वहा घुमाने गए लोग केशर को खरीदने के लिए स्पेशल dryfruit शोरूम में चले जाते हैं|  मेरा कहना तो ये हैं की केशर आपके घर के आसपास की dryfruit की दुकान से ही ख़रीदे| ज्यादातर कश्मीर में मिलने वाले केसर की गुणवत्ता ठीक नहीं हैं| अच्छा वाला केसर यहाँ के लोग पहले ही निर्यात कर चुके रहते हैं| जो बचता हैं वो मानलो कचरा ही होता हैं| यही कहानी अक्रोट और बाकी dryfruit की भी हैं| Dryfruit की बड़ी बड़ी दुकाने आपको कश्मीर में कई जगह दिखेंगी| इन दुकानों में आपको हर चीज को चखने के लिए कहा जायेगा| बार बार कश्मीरी कावा भी पिलाया जायेगा| ये दुकानदार आपको हर चीज के दोगुने या तीनगुना दाम बताएँगे| फिर आप बार्गेन करेंगे| ग्राहक हाथ से जाता देख दुकानदार आपको २०% या २५% का डिस्काउंट देने की बात करेंगे| आप फिर बातों में आ जायेंगे और खरीदना चाहेंगे| अपने अनुभव के आधार पर यही सलाह दूंगी की आप वहा से कुछ ना ख़रीदे|  न खरीदने की एक वजह तो यही हैं की यहाँ पर पहले दुगने या ...

अयोध्या निर्णय प्रश्नोत्तरी: भाग 87

       जय श्री राम! बोलो पवनपुत्र हनुमान की जय| बोलो बजरंग बलि की जय| अयोध्या निर्णय के इस प्रश्न उत्तर श्रृखला में आपका स्वागत हैं| #जय_श्री_राम  #अयोध्या से जुड़े कुछ प्रश्नों के उत्तर इस फॉर्म के माध्यम से दीजिये  https://forms.gle/HmhmysGTfpDKkVdFA प्रश्न: रामजन्मभूमि के उत्खनन में मिला ८५ स्तंभों का ढांचा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अनुसार कौनसी सदी का था? अ) इसा पश्चात आठवी सदी ब) इसा पश्चात बारहवी सदी क) इसा पश्चात दसवी सदी ड) इसा पूर्व पहली सदी उत्तर: ब) इसा पश्चात बारहवी सदी| महाराज गोविन्दचन्द्र के भतीजे मेघसुत ने बारहवी सदी में स्वर्ग प्राप्ति के लिए श्री हरी विष्णुजी का शिलाओ से बना एक भव्य मंदिर बनवाया था इसी मंदिर में ८५ स्तम्भ थे| =============== प्रश्न: महाराज विक्रमादित्य ने अयोध्या की भूमि पर कितने मंदिर बनवाए? अ) १ मंदिर ब) ११ मंदिर क) ३६० मंदिर ड) ९९९ मंदिर उत्तर: क) ३६० मंदिर| अयोध्या का महात्म्य बौद्ध काल में कम हो गया था| इस कारण यह नगर वीरान हो गया| इसा पूर्व पहली सदी में महाराज विक्रमादित्य ने सनातन संकृति को पुरुज्जिवित करते हुए उन...

अयोध्या निर्णय प्रश्नोत्तरी: भाग १

  जय श्री राम! बोलो पवनपुत्र हनुमान की जय| बोलो बजरंग बलि की जय| अयोध्या निर्णय के इस प्रश्न उत्तर श्रृखला में आपका स्वागत हैं| प्रश्न: अयोध्या निर्णय कितने पन्नो का हैं? अ) ३०६  ब) ८५३ क) १०४५ ड) १२ उत्तर: क) १०४५ ========== प्रश्न: अयोध्या निर्णय में कितने अभियोगों की एकसाथ सुनवाई हुई? अ) २० ब) २०० क) १४ ड) १४० उत्तर: क) १४ ========== प्रश्न: कितनी जमीन रामजन्मभूमि के लिए विवादास्पद थी? अ) १५०० यार्ड वर्ग ब) ५ एकड़ क) ३ हेक्टर ड) पूरा अयोध्या शहर उत्तर: अ) १५०० यार्ड वर्ग ========== प्रश्न: रामजन्मभूमि का विवाद कबसे था? अ) भारत की स्वतंत्रता से ब) अंग्रेजो के ज़माने से क) मुघलों के शासनकाल से ड) कभी था ही नहीं उत्तर: क) मुघलों के शासनकाल से ========== पूरी किताब पढने के लिए : पूरी पुस्तिका टेलीग्राम पर : https://t.me/LawAndIndianSociety/2 पूरी पुस्तिका हिंदी में :  https://drive.google.com/file/d/1ASQoi3iPaZlQigCTWZb1uZkeKwKah5MC/view?usp=sharing पूरी पुस्तिका इन्टरनेट आर्काइव पर :  https://archive.org/down...