६) हमारा घर:
६) हमारा घर: १९५० की फिल्म ‘हमारा घर’ का गीत ‘रंग भरी होली आई’ होली पर आधारित हैं। इस गीत के बोल के अनुसार मस्ती मे डूबे लोगों की टोली मस्ती मे झूमती गोकुल के गाव जा रही हैं। मुरली की धुन पर लड़की अर्थात राधा नाच रही हैं। लड़के ने उसपर पिचकारी मारी तो उसकी साड़ी गीली हो गई हैं। बीच सड़क पर नाचती इस लड़की की सब लड़के ठिठोली कर रहे हैं। [1] मो. रफी का ये गीत भीगी लड़की और सब लड़के उसे किस तरह छेड़ते हैं इसका का उल्लेख करता हैं। राधा कृष्ण का संदर्भ लेकर इस आशय का गीत केवल होली पर ही क्यू हैं? [1] https://www.hindilyrics4u.com/song/rang_bhari_holi_aayi.htm अगर आप मेरे कार्य से सहमत हैं तो कृपया इस पुस्तिका को अन्य भाई-बहनों के साथ साझा करें। यहा तक पढ़ने के लिए धन्यवाद! अनुक्रमणिका होली का विकृत स्वरूप: होली गीतों पर एक चिंतन! - लेखिका: रिंकू ताई