गुलमर्ग और गोंडोला राइड
जय श्री राम!
कश्मीर रीजन के बारामुल्ला जिले में स्वर्ग सी सुंदर जगह हैं गुलमर्ग! कश्मीर में क्या देखा तो गुलमर्ग देखा ये सब कहते हैं|
गुलमर्ग का गोंडोला राइड एशिया की सब्सी उची गोंडोला राइड हैं और दुनिया में दुसरे अनुक्रम पर सब से उची गोंडोला राइड की अनुसूची में आती हैं| यह देश का सबसे बड़ा स्की रिसोर्ट भी हैं| देश के सम्मान में यहाँ बहोत कुछ हैं| और देश के नाम को मिटटी में मिलाने वाले यहाँ के लोगो का बर्ताव भी हैं| पूरा पढ़ना अपने आप समझ जाओगे|
देश का गौरव
गुलमर्ग खास कर पहाड़ी चरवाहों की बस्ती थी| ये चरवाहे मूर्तिपूजक थे और विचरती जनजातियों में इनकी गिनती होती थी| पुराने ज़माने के ये मूर्तिपूजक चरवाहे गौरी (पार्वती) के उपासक थे इसीलिए उन्होंने अपने इस स्थान को गौरीमर्ग यह नाम दिया था| आगे १६ वि शताब्दी में युसूफ शाह ने इसका नाम बदल कर गुलमर्ग रख दिया और यहाँ से धर्म को मानने वाले गुल कर दिए गए|
अब आते हैं वर्तमान समय के गुलमर्ग पर! आप श्रीनगर से होते हुए जब गुलमर्ग शहर में पोहोचते हैं तो आपके पीछे गाइड, खाच्चरवाले, लॉन्ग स्वेटर और गमबूट किराये पे देने वाले, रेग्जीन के हातमोजे बेचने वाले, गोगल्स बेचनेवाले और पता नहीं कितने ही सामान बेचनेवाले लग जाते हैं| ये आपको बड़े उचे दाम लगायेंगे और फिर बार्गेन करते करते आपका समय खर्च हो जायेगा| आपके साथ अगर बच्चे और महिलाये हैं तो फिर ये फिरकिवाले आपके बच्चो और महिलाओं को जबरदस्ती चेप होकर सामान बेचने की कोशिश करते रहेंगे|
लड़कियों और महिलाओं के साथ विशेष बर्ताव
महिलाओं के साथ ये लोग कुछ ऐसा करते हैं| "मैडम ट्राय करिए" ऐसा कह कर जबरन आपको टोपी, गोगल्स, हातमोजे पहनाने के बहाने स्पर्श किया जायेगा| एक लड़की या स्त्री होने के नाते आपको ये स्पर्श अच्छा नहीं लगेगा| फिर ये आपकी तारीफ करने में आपको हेरोइन बता देंगे| छोटी बच्चियों को भी ये लोग नहीं छोड़ते| बस स्पर्श करने का बहाना ये ढूंडते हैं|
आपको लॉन्ग स्वेटर और गमबूट किराये से लेना ही पड़ता हैं| पर उसमे भी आपको भावताव करना ही पड़ेगा| वह पर भी अगर कोई महिला को स्वेटर लेना हैं या गुमबूट लेना हैं तो वो उस महिला या कन्या को कुछ ऐसी जगहों पर स्पर्श करेंगे की एक पल के लिए उसे गन्दा लगे| तो चेतावनी ये हैं की यहाँ सतर्क रहने की पूरी कोशिश करे|
वाशरूम
बिलकुल गुलमर्ग शहर के उस जगह पर जहा से गोंडोला राइड के लिए जाना हैं वहा एक जगह कॉमन वाशरूम्स हैं जिसमे पुरुष और महिलाए जा सकते हैं| उस जगह जाने के लिए जो सीढियाँ हैं वो भी बेकार हैं| वाशरूम्स गन्दगी से भरे पड़े हैं| दरवाजे नहीं लगते किसी भी वाशरूम के| और आपको यही पर एकबार मलमूत्र त्याग करना पड़ेगा क्यों की आगे गोंडोला राइड की लाइन जहा लगती हैं वहा पर टॉयलेट हैं पर आप लाइन छोड़कर जा नहीं सकते क्यों की फिरसे आपको लाइन में लगना पड़ेगा| और फिर गुलमर्ग गोंडोला के पहले फेज यानि कुंग्द्दोर में वाशरूम तो हैं पर वहातक जाने के लिए रास्ता ही नहीं बना हैं| अगर बर्फ पिघल गयी तो कीचड़ होता हैं और सच बताऊ आप बड़े जोर से फिसलकर गिरके अपनी हड्डी तुडवा सकते हो| और अगर बर्फ हैं तो बर्फ में आपका पैर धस कर आपके कपडे फटने को या आप नाले में गिरने को समय नहीं लगता|
पिने का पानी
आप सोचेंगे बर्फ की जगह हैं, ठंडी जगह हैं| ज्यादा प्यास न लगेगी| और यही गलती आप करते हैं| आपको ज्यादा प्यास लगकर आप डिहाइड्रेशन का शिकार हो जाते हैं| और फिर आपको बीस या पच्चीस रुपये की मिनरल वाटर की बोतल १०० रु में खरीदनी पड़ती हैं| इस जगह एक भी पिने के पानी का वाटर टैंक नहीं हैं| क्यों नहीं हैं पता नहीं| हा पर ये आपके पैसे लूटने का एक नायाब तरीका जरुर हैं| वैसे ही खाने की चीजे भी आपको बड़े ऊचे आसमान को छूती हुई नजर आएगी और आपके मुह से ये जरुर निकलेगा की पेट्रोल सस्ता हैं, घर का गैस सिलिंडर सस्ता हैं|
गाइड
गुलमर्ग में ज्यादातर गाइड महिलाओं और खासकर लड़कियों के साथ मीठी मीठी बात करने में एक्सपर्ट होते हैं| अगर आपने गोंडोला राइड ऑनलाइन बुक कर ली हैं तो आपको इनकी जरूरत नहीं हैं| ये बस चलती लाइन में दादागिरी से अपने क्लाइंट को घुसाने के लिए आपस में झगड़ते रहते हैं और इन गाइड्स की वजह से आपके बाकी यात्रियों के साथ भी कई बार झगडे हो जाते हैं| ये आप जब घूमते हैं तब आपके गिरने पर आपको उठाने का दिखावा करते हैं और आपकी पत्नी या बेटी को हाथ पकड़कर कीचड़ या बर्फ की जगह पर घुमाते हैं| अब अपनी पत्नी और बेटी को किसी अनजान के हाथ में देना कहा तक सही हैं ये आप देखिये| जो खुद भुगता हैं वही लिख रही हु| बड़ा विचित्र स्पर्श था उस आदमी का और नजर तो मानो कुछ चिर रही थी|
खच्चर की सवारी
गोंडोला की टिकेट अगर आपकी बुक हैं तो आपको खच्चर की सवारी लेने की जरुरत नहीं हैं| और यहाँ पर भी एक बात जो फिर से व्यथित कर गयी वो ये की अगर खच्चर पर आदमी बैठा हैं तो खच्चर वाला उसे ये भी नहीं कहेगा की सर आपका बैलेंस बिघाड रहा हैं आप गिर सकते हैं| मेरे सामने ६० साल के एक अंकल खच्चर से सिर्फ वो ढंग से नहीं बैठे थे इसीलिए गिर गए थे| उन्हें घुटने के निचे की हड्डी में हेयर क्रैक आगया हैं| और महिलाए तो हैं ही उनके लिए मजे करने का सामान, कमर पर बार बार हाथ लगायेंगे| तो सोच समझ कर अति सतर्क होकर गुलमर्ग की यात्रा का आनंद लीजिये|
टैक्सी
आप कहेंगे आपने श्रीनगर से टैक्सी की है तो ये बात अब कहा से आ गई। श्रीनगर से आप जो भी वाहन लेकर आएंगे वो आपको गुलमर्ग के टैक्सी स्टैंड पर छोड़ देना पड़ेगा और आपके पीछे वहा ले लोकल लोग लग जायेंगे। यहां पर भी वही सीन है। बारगेन बारगेन और बारगेन। बस प्यार कश्मीर टूर में आपका कीमती समय जो आपने बड़े अरमानों से निकाला है बस इसी बार्गेनिंग में चला जायेगा। टैक्सी स्टैंड से गोंडोला राइड का स्टेशन सिर्फ डेढ़ किलोमीटर है। इसीलिए जोर लगाइए पैदल चलना शुरू करिए आगे आपको आधे से भी कम दामों में छोड़ने वाले मिलेंगे।
बाइक राइड
फिरसे यह बात बताना जरूरी है की अगर आपकी गोंडोला बुकिंग हो गई हैं तो आपको इसे भी बुक करने की जरूरत नही हैं। और यहां पर भी वही महिलाओं को गलत जगह स्पर्श करने की बात हैं। पूरी कश्मीर घाटी में ये महिला स्पर्श वाली बात हैं इसीलिए जा रहे हो तो सावधान रहे सतर्क रहे। आपके साथ वाली महिलाओं को हो सकता हो की आप गलत लगने लगो और फिर वही बगावती इश्क की कहानियां आपके घर की मेहमान न बन जाए।
बुजुर्ग जा सकते है क्या?
याद रखना अगर आप बुजुर्ग है और कोई बीमारी से ग्रस्त है तो कश्मीर जैसी ठंडी जगह पर न ही जाइए। क्यू की अगर आपको कुछ होता है तो आपको मेडिकल सुविधाएं जल्दी नही मिलेगी और आपकी तबियत और खराब होंगी। और फिर भी आपको आपकी रिटायर्ड एज में एडवेंचर करना है तो आपकी मर्जी। जम्मू रीजन ऐसे लोगो के लिए बेहतर विकल्प है क्यू थोड़ा गर्म है और बहोत सारी सुविधाएं है।
गुलमर्ग गोंडोला फेस २ राइड
ये गोंडोला की ऑनलाइन बुकिंग के बिना नहीं हो सकता क्यू की वहा बारह महीने बर्फ होती है इतनी की वहा के ४० फीट ऊंचे पेड़ भी बर्फ के नीचे गर्मियों के भी दबे रहते है। दूसरे फेस पर और ठंडी हैं। आपको ऐसा लगेगा की आप स्वर्ग में आए हो।
यहां पर आप महिला है इसके लिए आपको गलत जगह छूने वाला कोई नहीं मिलेगा क्यू की कोई एक्टिविटी नहीं होती सिवाय बर्फ में खेलने के। पर अगर एक गलत कदम गिर गया तो आप बर्फ में कही गायब हो जाएंगे और आपको रेस्क्यू करने के लिए वहा कोई नही मिलेगा। पूरे फेस २ पर सिर्फ ४ अधिकारी तैनात थे जो गोंडोला की राइड को देख रहे थे। अगर कोई यहां बर्फ में गायब हो गया तो उसका बचना जरा भी मुमकिन नही है। इसीलिए यहां बर्फ में खेलते समय जरा सावधान रहिए।
यहातक पढ़ा इसके लिए धन्यवाद।
अगर आप इतना पढ़कर भी गुलमर्ग जाने का मन बना लिए है तो महादेव आपकी रक्षा करे।
जय जय श्री राम।
© रिंकू ताई।
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