१) होली:

 


१) होली:

१९४० मे एक फिल्म प्रदर्शीत हुई होली। फिल्म की शुरुआत ही होली के सीन से होती हैं। फिल्म की कहानी से ये अभिप्राय निकलता हैं की अगर आपको कोई गरीब लड़की पसंद आजाये तो कुछ मत सोचो, उसके घर के सभी पुरुषों को झूठे केस मे पुलिस के हवाले कर दो और बाद मे उस लड़की को अगवा कर उसके साथ जबरदस्ती विवाह कर लो।[1] अपहरण कर विवाह यह एक सामाजिक समस्या हो गई हैं[2], कही इसके बीज ऐसी फिल्मों ने तो नहीं बोए?

फिल्म मे एक होली का गीत हैं ‘फागन की रुत आई रे’। गाने के बोल सुनकर आपको ऐसे लगेगा जैसे ये गाना कृष्ण को समर्पित हैं। पर आखिर मे ये गीत महिला के यौवन पर आकार खत्म होता हैं।[3] कृष्ण का नाम ले लेने से कोई अश्लील गीत भजन नहीं बनता हा पर भक्ति भावना जरूर आहत हो जाती हैं।



[1] https://en.wikipedia.org/wiki/Holi_(1940_film)

[2] https://timesofindia.indiatimes.com/city/bengaluru/over-46-minor-girls-kidnapped-for-marriage-each-day-in-2021-ncrb/articleshow/94039605.cms

[3] https://www.oyelyrics.com/phaagan-ki-rut-aayi-re-lyrics-holi-amrit-lal-sitara-devi

 

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