कृष्ण भक्ति और रंगपंचमी
होली का नारायण के साथ क्या संबंध हैं ये मैंने पहले ही बताया हैं। रंगपंचमी उत्सव कृष्ण को समर्पित है। कृष्णभक्ति का पर्व है। तो प्रश्न यह उठता है कि यह आज इतना विकृत क्यों हो गया? क्या हम कृष्ण भक्ति करते हैं होलि के समय? यह प्रश्न जब हम अपने आप से पूछते हैं तो कहीं ना कहीं कोई उत्तर नहीं मिलता। और फिर से हम ये सोचने लगते हैं ‘कहां गई कृष्ण भक्ति?’

बिल्कुल इंदिरा गांधी की लगाई हुई
इमरजेंसी के पहले तक होली और रंगपंचमी कृष्ण भक्ति में डूबी होती थी। आज बरसाना
जैसी कुछ एक जगह छोड़ दे तो इस पर्व पर कृष्ण भक्ति कही नजर ही नहीं आती। ऐसा क्या
हो गया की कृष्ण भक्ति होली और रंगपंचमी से विलग हो गई? बस इसी प्रश्न का
उत्तर अब आगे के कुछ पन्नों में आपको मिलेगा।
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