४) सावरियाँ:
४) सावरियाँ:
१९४९ की फिल्म ‘सावरियाँ’ का गीत
‘जरा बच के’ होली पर चित्रित हैं। इस गीत के बोल के अनुसार लड़की ने होली के दिन बच
के रहना चाहिए क्यू की कोई पिचकारी मारेगा तो कोई कलाई मरोड़ेगा। सब लोग भांग पीकर
होली खेलने चले हैं। [1]
महिलाओं को छेड़ना और भांग पीना होली हैं ये आशय देने वाला ये गीत तब का हैं जब देश
मे संविधान भी लागू नहीं हुआ था। इसी चलन के गीत आज भी फिल्मों मे होली के अवसर पर
बताए जाते हैं। नशे और होली को जोड़ता हुआ यह शायद पहला फिल्मी गाना भारतीय सिनेमा
के इतिहास मे बना हैं।
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यहा तक पढ़ने के लिए धन्यवाद!
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