बिष्णुपुर जिला - एक प्रोफाइल

 "बिष्णुपुर जिला - एक प्रोफाइल" 
 यह लेख भारत के मणिपुर में बिष्णुपुर जिले का व्यापक अवलोकन प्रदान करता है। 

सामान्य विशेषताएं:
इतिहास: मूलतः लुमलंगडोंग नाम से जाना जाता था, बिष्णुपुर 1983 में एक जिला बना जब मणिपुर केंद्र जिले को कई जिलों में विभाजित किया गया। इसका ऐतिहासिक महत्व राजा क्याम्बा के शासनकाल (1467 ई.) से जुड़ा है।
भूगोल: 93.43°E से 94.53°E देशांतर और 24.18°N से 25.50°N अक्षांश के बीच स्थित, कुल क्षेत्रफल 530 वर्ग किमी है। बिष्णुपुर विभिन्न जिलों से घिरा हुआ है और इसमें मैदानी, पहाड़ी और दलदली भूमि की विविध भू-आकृति है।
मुख्य विशेषताएं: जिले में प्रसिद्ध लोकटक झील और केइबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान है, जहाँ संकटग्रस्त ब्राउन एंटलर्ड हिरण रहते हैं। मोइरंग में स्थित आईएनए मेमोरियल भी एक महत्वपूर्ण आकर्षण है।

सामाजिक-आर्थिक प्रोफाइल:
जनसंख्या: 2011 की जनगणना के अनुसार, बिष्णुपुर में 2,40,363 लोगों की जनसंख्या थी, जिसमें लिंग अनुपात लगभग बराबर था।
प्रशासनिक संरचना: तीन उप-विभागों में विभाजित - मोइरंग, बिष्णुपुर, और नम्बोल, चार नगरपालिकाओं और कई विधानसभा क्षेत्रों के साथ।

कृषि और अर्थव्यवस्था:
प्राथमिक गतिविधि: कृषि, विशेष रूप से धान की खेती, मुख्य आजीविका है। अन्य फसलें चीनी गन्ना, दालें, और आलू शामिल हैं। जिले में लोकटक लिफ्ट सिंचाई परियोजना से महत्वपूर्ण सिंचाई सुविधाएं हैं।
मछली पालन: बिष्णुपुर मछली उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण है, जिसमें 2009 से 2014 तक उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई।
उद्योग: मुख्य रूप से परंपरागत और छोटे पैमाने पर, जहां हथकरघा एक प्रमुख उद्योग है जो विशेषकर महिलाओं को रोजगार प्रदान करता है। बड़े या मध्यम पैमाने के उद्योगों की कमी है और औद्योगिक विकास सीमित है।

अवसंरचना:
परिवहन: सड़क परिवहन प्रमुख है, जिसमें तिड्डिम रोड मुख्य धमनी है। औद्योगिक क्षेत्र या विकास केंद्र नहीं हैं।
शिक्षा और प्रशिक्षण: औद्योगिक प्रशिक्षण के लिए संगठित सुविधाएं सीमित हैं, कुछ केंद्र बुनाई और अन्य व्यापारों के लिए हैं।
बैंकिंग: जिले में कुछ वाणिज्यिक, ग्रामीण और सहकारी बैंक हैं, जिसमें यूबीआई लीड बैंक है।

पर्यटन और सांस्कृतिक पहलू:
पर्यटन स्थल: विष्णु मंदिर, लोकटक झील, केइबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान, और कई ऐतिहासिक स्थल जैसे आईएनए मेमोरियल शामिल हैं।

चुनौतियाँ और संभावनाएँ:
चुनौतियाँ: बुनियादी ढांचे की कमी, बिजली आपूर्ति की समस्याएं, और कानून-व्यवस्था की समस्याएं जो औद्योगिक विकास को प्रभावित करती हैं।
संभावनाएँ: कृषि आधारित उद्योगों, पर्यटन, और स्वास्थ्य और आतिथ्य जैसे सेवा क्षेत्रों के विस्तार में संभावनाएं हैं।

सांख्यिकीय डेटा:
कृषि, मछली उत्पादन, औद्योगिक इकाइयों और रोजगार के बारे में विस्तृत डेटा दिया गया है, जो आर्थिक विकास के रुझान और चुनौतियों को दर्शाता है।

यह दस्तावेज़ बिष्णुपुर जिले के सामाजिक-आर्थिक और सांस्कृतिक परिदृश्य को समझने के लिए एक विस्तृत प्रोफाइल के रूप में काम करता है, जो इसकी संपत्तियों और विकास की आवश्यकता वाले क्षेत्रों को उजागर करता है।

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