माट्टू पोंगल की कविता
माट्टू पोंगल की कविता
माट्टू पोंगल का दिन आया,
खेतों में खुशियाँ भरकर लाया।
हमारे साथी, हमारे मित्र,
जानवरों का है प्यारा इतिहास हमारा नित्र।
बैल है हमारा महान साथी,
खेत जोतकर देता है साथी।
धरती को उपजाऊ बनाता,
हल चलाता बिना थकाता ही नहीं जाता.
गाय है हमारी अन्नदाता,
दूध देती, स्वास्थ्य की रक्षा करता।
उसके गोबर से खाद बनती,
उर्वरक की तरह हमारी फ़सल बढ़ती।
भैंस है हमारी सहायक,
दूध की मात्रा में है सबसे बढ़िया।
उसके दूध से घी और मक्खन,
हमारे घर को करते हैं संवारन।
मुर्गियां हैं हमारी दोस्त,
अंडे और मांस से हमारा पोषण होता है।
उनके कूड़े से खाद बनती,
खेतों में उपज बढ़ती, हरियाली छाती।
मट्टू पोंगल का यह दिन,
जानवरों का सम्मान है हमारा चिन्ह।
इनकी सेवा और संरक्षण,
हमारी संस्कृति की है पहचान।
इस कविता के माध्यम से बच्चे जानवरों के महत्व को समझ सकते हैं और उनका सम्मान करना सीख सकते हैं। क्या हम ऐसी कविताएं भारतीय संस्कृति से जुड़ी हर बात के लिए लिख सकते है?
मैने ai की सहायता से लिखी है। अगर आप में से कोई कवि हो तो अवश्य इस विषय पर अपने शब्दों में कविता लिखिए। हमारी सांस्कृतिक धरोहर को हमें ही शब्दबद्ध करना होगा।
तमिल नाडु
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