भोगी पंडीगाई
भोगी पंडीगाई
भोगी पंडीगाई, तमिलों का त्यौहार,
दक्षिण भारत में मनाते हैं सब नर-नार।
पोंगल की शुरुआत, होती इसी से,
सर्दियों का अंत, आता है बस ये देखे।
क्यों मनाते हैं, सूर्य को धन्यवाद,
नई फसलों के लिए, करते हैं प्रसाद।
घरों में सजावट, रंगोली बनाई,
पुराने सामानों को, आग में जलाई।
करते हैं क्या, सुबह उठकर नहाना,
नए कपड़े पहन, करते हैं पूजा पढ़ना।
भोगी मंटल, जलती है जोरों से,
नई शुरुआत, मन करता है धरों से।
तो यही है भोगी, खुशियों का त्यौहार,
पोंगल के साथ, मिलता है यह प्यार।
क्रेडिट - grok ai by X
Comments
Post a Comment