लोहड़ी
लोहड़ी की शाम आई,
अंगारों की लौ जलाई।
सर्दी की रात में तपिश,
सबके दिलों में उमंग खिलाई।
आलू, रेवड़ी, गज़क खाएं,
मूंगफली का स्वाद लें।
साथ मिलकर गीत गाएं,
नृत्य करें, मन हो जाएं हल्के।
परंपरा की बात जो कहे,
पुराने दिनों की याद दिलाए।
अग्नि के चारों ओर बैठे,
सबके मन में प्रेम बढ़ाए।
लोहड़ी की आग से जले,
नए साल की उम्मीदें बढ़ी।
सुख, समृद्धि, हर्ष की कामना,
लोहड़ी ने सबको मिलाया।
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