तलेगांव त्र्यंबक तहसील त्र्यंबकेश्वर, जिला नासिक:

 

 

भूगोल 

तलेगांव त्र्यंबक, त्र्यंबकेश्वर तहसील में स्थित है और यह उप-जिला मुख्यालय त्र्यंबक से लगभग 8 किमी दूर है। गांव का पिनकोड 422211 है और यह ग्राम पंचायत ‘तलेगांव (T)’ के अंतर्गत आता है। गांव का कुल क्षेत्रफल 927 हेक्टेयर के आसपास है, और यह पश्चिमी घाट की हरित पट्टी में स्थित है, जिससे यहां की जलवायु और प्राकृतिक संसाधन समृद्ध हैं[1][3][6]।

इतिहास 

यह क्षेत्र प्राचीन काल से त्र्यंबकेश्वर के धार्मिक, सांस्कृतिक और कृषि प्रभाव में रहा है। अहिल्या देवी और गौतम ऋषि का आश्रम यही पर था। इसी जगह पर गौतम ऋषि ने तपस्या कर गंगा का गोदावरी के रूप मे अवतरण करने का वरदान मांगा था।

जातियाँ और धर्म 

गांव में अनुसूचित जनजाति (ST) की संख्या सर्वाधिक है, जो कुल जनसंख्या का लगभग 85% है। अनुसूचित जाति (SC) की भी उल्लेखनीय उपस्थिति है। प्रमुख धर्म हिंदू है, और स्थानीय बोली में मराठी, हिंदी, अहिराणी और भीली भाषाएँ प्रचलित हैं[5][7]।

खेती 

तलेगांव त्र्यंबक में कृषि मुख्य व्यवसाय है। यहां के अधिकांश लोग वर्षा आधारित खेती, धान, मक्का, और सब्जियों की खेती करते हैं। पशुपालन भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था का हिस्सा है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, गांव में कृषि कार्य करने वाले मुख्य श्रमिकों की संख्या एक हजार के आसपास है[5]।

अन्य व्यवसाय 

खेती के अलावा, ग्रामीण मजदूरी, छोटे व्यापार, और कुछ लोग त्र्यंबकेश्वर के धार्मिक पर्यटन से जुड़े व्यवसाय में भी कार्यरत हैं। सीमित संख्या में लोग सरकारी योजनाओं के तहत स्वरोजगार में भी लगे हैं[5]।

निसर्ग और मौसम 

गांव पश्चिमी घाट क्षेत्र में स्थित होने के कारण यहां का वातावरण हरियाली से भरपूर और समशीतोष्ण है। मानसून में अच्छी वर्षा होती है, जिससे खेती को लाभ मिलता है। प्राकृतिक संसाधनों की दृष्टि से यह क्षेत्र समृद्ध है[7]।

मंदिर पर्यटन 

तलेगांव त्र्यंबक के आसपास त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, गोदावरी उद्गम स्थल, और अन्य धार्मिक स्थल स्थित हैं, जिससे ग्रामीण धार्मिक गतिविधियों और पर्यटन से जुड़े रहते हैं। गांव के भीतर भी स्थानीय मंदिर हैं[7][8]। ब्रम्हगिरी पर्वत पर स्थित अहिल्या गौतम ऋषि मंदिर इस गाव के लोगों का आस्था का केंद्र हैं।

सरकारी योजनाओं से विकास 

सरकारी योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS), आंगनवाड़ी, पोषण केंद्र, स्व-सहायता समूह, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएँ, और ग्रामीण सड़क योजनाओं का लाभ गांव को मिलता है। गांव में प्राथमिक विद्यालय, आंगनवाड़ी, सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्र, सार्वजनिक शौचालय, और मोबाइल नेटवर्क जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं[11]।

प्रशासन 

तलेगांव त्र्यंबक का ग्राम कोड 550918 है। यह त्र्यंबकेश्वर तहसील और नासिक जिले के प्रशासनिक ढांचे का हिस्सा है। प्रशासनिक कार्य ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, और जिला परिषद के माध्यम से होते हैं[1][4]।

परिवहन 

गांव सड़क मार्ग से त्र्यंबक और नासिक से जुड़ा है। नजदीकी रेलवे स्टेशन नासिक रोड है, जो लगभग 40 किमी दूर है। गांव तक बस, टैक्सी और अन्य वाहन उपलब्ध हैं। मुख्य सड़कें गांव को राज्य राजमार्ग और जिला मुख्यालय से जोड़ती हैं[6][7][11]।

तालाब:

गाव की प्रशासनिक परिधि के भीतर एक तालाब हैं – तलेगांव केंचुरली। इस तालाब से गोदावरी नदी की एक सहायक धारा भी बहती हैं जो आगे चलकर बेझे और पिंपरी त्र्यंबक क्षेत्र मे गोदावरी से मिलती हैं।

संपर्क 

गांव का पिनकोड 422211 है। त्र्यंबक सबसे नजदीकी नगर है, जहां से सड़क मार्ग द्वारा गांव तक आसानी से पहुँचा जा सकता है। दूरभाष कोड 02594 है, और मोबाइल नेटवर्क की सुविधा उपलब्ध है[2][9][11]।

सुझाव:

गाव की जमीन और वातावरण सिंदूर और लाख की खेती के लिए उपयुक्त हैं। इसके साथ ही पलाश की भी खेती की जा सकती हैं। सिंदूर का उपयोग पूजा मे तो किया ही जाता हैं पर ये डाय और लिपीस्टीक जैसे सौन्दर्य प्रसाधनों के लिए भी उपयोग मे लाया जा सकता हैं। पारा और लीड मिले हुए प्रसाधन की जगह नैसर्गिक रंग वाले प्रसाधन शरीर के लिए ज्यादा अच्छे हैं। लाख का उपयोग गहने बनाने के लिए किया जाता हैं। पलाश का उपयोग कर अलग अलग रंग के गुलाल बनाए जा सकते हैं जिनका उपयोग सौन्दर्य प्रसाधनों मे भी किया जा सकता हैं।

त्र्यंबकेश्वर से जुड़े रहने के कारण इस जगह के लोगों के लिए धार्मिक पर्यटन अच्छा व्यवसाय हैं।

गाव मे जो तालाब हैं उसकी स्वच्छता कर क्षुषओभीकरण कर वाटर स्पोर्ट को बढ़ावा दिया जा सकता हैं। तालाब से निकलने वाली गोदावरी की सहायक धारा की भी स्वच्छता आवश्यक हैं। इस धारा का नाम कही पर भी सरकारी रिकार्ड मे नहीं हैं और न ही गूगल मॅप पर कोई नाम बताया गया हैं इसके कारण इसे एक नाले की तरह लोग गंदा करते हैं। जबकि ये तालाब से निकला शुद्ध जल गोदावरी तक ले जाती हैं। सहायक धाराओ की स्वच्छता से नदी का जल भी स्वच्छ होता हैं। जगह जगह वाटर प्रोसेसिंग यूनिट लगाने से कई रोजगार भी बनेंगे।

संदर्भ:

[1] https://villageinfo.org/village/550918

[2] http://www.onefivenine.com/india/villages/Nashik/Trimbak/Talegaon-_3aT_4a

[3] https://villageinfo.in/maharashtra/nashik/trimbakeshwar/talegaon-trimbak.html

[4] http://bricks.curioussouls.in/mhvillage/26728

[5] https://www.census2011.co.in/data/village/550918-talegaon-trimbak-maharashtra.html

[6] http://geolysis.com/p/in/mh/nashik/trimbakeshwar/talegaon-trimbak

[7] http://www.onefivenine.com/india/villag/Nashik/Trimbak

[8] https://www.onefivenine.com/india/villages/Nashik/Trimbak/Trimbak

[9] https://housing.com/pin-code/talegaon-trimbak-pin-code

[10] https://nashik.gov.in/villages/

[11] https://dspace.gipe.ac.in/xmlui/bitstream/handle/10973/40939/2725_PART_B_DCHB_%20Nashik-Contents.pdf?sequence=1&isAllowed=y

Comments

Popular posts from this blog

कानिफनाथ महाराज

सूरत का ज्वालामुखी: हिंदुस्तान की एकता और अंग्रेजी दमन की खूनी गाथा

त्र्यंबक, तहसील त्र्यंबकेश्वर, जिला नासिक: