बक्शी हिप्परगा

बक्शी हिप्परगा

महाराष्ट्र के सोलापूर जिले के सोलापूर दक्षिण तहसील मे बक्शी हिप्परगा नामका एक छोटा सा गाव हैं। गाव भले ही सोलापूर शहर से 8 km की दूरी पर हैं पर चारों और खेती हैं इसीलिए इस गाव की हवा शुद्ध हैं और मन को शांत करने वाली शांति इस गाव मे मिलती हैं।

हनुमान जी का एक मंदिर हैं जो गाव के हिन्दुओ की आस्था का केंद्र हैं। अन्य भी की छोटे मंदिर हैं। गाव के लोग मेहनती हैं और छोटे छोटे घरों मे रहते हैं। रोजगार के लिए खेती करते हैं या सोलापूर शहर मे जाकर नौकरी करते हैं।

इस गाव की मूलभूत जानकारी कुछ इस तरह हैं।

भौगोलिक जानकारी

राज्य: महाराष्ट्र

जिला: सोलापुर

तहसील: सोलापुर दक्षिण

पिनकोड: 413002

डाकघर: सोलापूर बाजार

ऊंचाई: लगभग 463 मीटर समुद्र तल से।

भाषा: मराठी मुख्य भाषा है; कन्नड़, तेलुगू और उर्दू भी कुछ हद तक बोली जाती हैं।

विधानसभा क्षेत्र: मोहोळ

लोकसभा क्षेत्र: सोलापुर

स्थान और संपर्क

टेलीफोन/STD कोड: 0217

मुख्य सड़कें: NH65 और NH150 गांव के पास से गुजरती हैं। फिर यही से ग्राम सड़क योजना के तहत गाव की तरफ आने के लिए पक्की सड़के बनाई गई हैं।

दैनिक सुविधाएँ

गांव में जिला परिषद प्राथमिक विद्यालय है, साथ ही आसपास अन्य स्कूल और उच्च माध्यमिक विद्यालय भी हैं। लोकनेते डी एन गायकवाड़ माध्यमिक विद्यालय मुख्य रूप से प्रसिद्ध हैं। आंगनवाड़ी और अन्य मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए सरकारी क्लिनिक हैं। उच्च शिक्षा, निजी अस्पताल के लिए सोलापूर शहर नजदीक हैं। पीने के पानी के लिए सरकारी पानी की टंकी हैं जहा से शद्ध जल की घर तक आपूर्ति होती हैं। गाव मे रसोई गैस की आपूर्ति के लिए भी एजेंसी हैं। ऑनलाइन सुविधा भी इस गाव मे मिल जाएगी। हिन्दू स्मशानभूमि गाव से थोड़ी दूरी पर हैं जहा गाव के हिन्दू अपने मृत परिजनों का अंतिम संस्कार करते हैं।

राजनीति और प्रशासन

मुख्य राजनीतिक दल: भाजपा, राष्ट्रवादी कांग्रेस, कांग्रेस आदि यहां सक्रिय हैं।

मतदान केंद्र: गांव के जिला परिषद स्कूल, ग्राम पंचायत कार्यालय आदि में मतदान केंद्र हैं।

मौसम

औसत तापमान: 25°C से 35°C के बीच बदलता रहता है; मौसम मुख्यतः शुष्क और गर्म रहता है।

आर्द्रता: लगभग 35%।

परिवहन:

नजदीकी शहर: सोलापुर (8 किमी), तुळजापुर (39 किमी), धाराशिव (58 किमी), मंगळवेढा (62 किमी)।

रेलवे स्टेशन: सोलापुर रेलवे स्टेशन (8.5 किमी), बाळे रेलवे स्टेशन।

हवाई अड्डे: सोलापुर हवाई अड्डा (10 किमी), लातूर हवाई अड्डा (106 किमी)।

नित्य परिवहन के लिए बस की सुविधा हैं पर बस गाव तक नहीं आती। गाव से शेयर ऑटो के जरिए पड़ोस के गाव या सोलापूर जा सकते हैं। निजी वाहन भी हैं जिससे आना जाना लोग करते हैं।

सुझाव:

छोटे गावों के परिवहन के लिए 12 से 18 सीट की छोटी इलेक्ट्रिक बस की व्यवस्था अगर की जाए तो गाव तक जाया जा सकता हैं।

गाव के आसपास खेती अच्छी होती हैं तो अग्रो टुरिज़म की संभावना ज्यादा हैं।

हिन्दुओ की अगर एकता बनी रही तो गाव मे गलत लोगों का संचार कम होने लगेगा।

खेती से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए अगर सरकार अच्छी नीतियाँ और नियम बनाएंगे तो गाव की युवा जनता खेती बेचकर शहर मे स्लम मे नहीं रहेगी।

सभी किसान मिलकर अगर एक सहकारी व्यवसाय शुरू करेंगे तो यहा के किसान अच्छी तरक्की करेंगे।


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