हाउस बोट और दल लेक, श्रीनगर

जय श्री राम!

दल लेक श्रीनगर का मुख्य आकर्षण हैं| यहाँ हाउसबोट में रुकने की व्यवस्था हैं|



क्या होती हैं हाउस बोट?

दल लेक अपने हाउसबोट के लिए लोकप्रिय हैं|

एक ड्राइंग हॉल नुमा कमरा, उसके पीछे डाइनिंग हॉल और उसके बाद छोटी सी पैंट्री जिसमे कुछ नहीं कर सकते. उसके बाद तिन या चार बेडरूम जिसमे अटेच लट्रिन बाथरूम होते हैं| ये सब लकड़े से बना होता हैं और इसे एक बोट का शेप दिया हुआ होता हैं| आपको लगेगा की ये पानी पर चलती होंगी! पर नहीं! ये एक ही जगह फिक्स होती हैं| 

हाउसबोट में आपको खुद अपना सामान अपने कमरे तक ले जाना पड़ता हैं|

बाथरूम के नाम पर आपको बाथ टब मिलेगा जिसमें आपको लगेगा की आब बाथ टब में मजे करेंगे| पर नहीं! यहाँ आपको बकेट में पानी लेकर बाथ टब में खड़े होकर नहाना हैं| अगर आप एक बूंद भी पानी बाथ टब के बाहर गिरते हो तो आपको हाउस बोट में रूम सर्विस नहीं मिलेंगी, आपको खुद बाथरूम साफ़ करना पड़ेगा|

आप सोचेंगे मेरी रूम हैं, डाइनिंग रूम हैं, मैं कही भी बैठ कर खा सकता हु| पर जैसे ही आप खाने बैठेंगे वैसे ही हाउस बोट का नौकर आएगा और बोलेगा, "खाना मत गिराओं, आप को ही साफ़ करना पड़ेगा, कीड़ा लग जाता हैं|" 

अगर आप ग्रुप में हैं और एक साथ कही बैठ कर चिल कर रहे हैं तो हाउस बोट वाला तुरंत आपको आकर बोलेगा, "एक जगह इतने लोग मत खड़े रहिये, मत बैठिये, हाउसबोट टेढ़ा हो जायेगा|"

आप अपने बेड पर सोने जायेंगे, हाउसबोट के अन्दर चलेंगे या कुछ भी करेंगे, कर्रर्र कर्रर्र की आवाज आती रहेंगी. सच बताऊँ, उस आवाज के साथ आपको अहसास होने लगेगा की आप किसी भुतिया जगह आ गए हैं| अगर आप हनीमून मनाने गए हैं तो भूल जाओ की आपको अच्छा लगेगा, क्यों की हिलते ही कर्रर्र आवाज आपको कुछ करने नहीं देंगी| ऐसे समय गुस्सा और शरम दोनों साथ में आयेंगे|

बिना रूम सर्विस के आपको ये हाउसबोट वाले हजारों का चुना लगा देंगे| इनके पास पिने का पानी तक नहीं रहता| अगर आप मिनरल वाटर मांगेगे तो ये २० या २५ रुपये की पानी की १ लीटर की बोतल आपको चेक आउट के समय ५० या १०० रुपये की लगायेंगे और आपको ये पैसा देना पड़ेगा|

ये होगई दल लेक की हाउसबोट. यहाँ रुकना नहीं रुकना आपकी मर्जी. पर रुकने से पहले ये जरुर पढ़ लेना.

दल लेक 

शिकारा राइड के लिए दल लेक लोकप्रिय हैं| छोटे छोटे शिकारों में चार चार लोगो के साथ ये राइड आपको पूरा दल लेक घुमाने के लिए ही हैं|

जैसे ही आप राइड शुरू करते हैं, कोई फोटो वाला आएगा और कहेगा "आपको कश्मीरी ड्रेस में फोटो खिचवानी हैं क्या?" 

ये कश्मीरी ड्रेस चमचमाते टिकली वर्क से बने रहते हैं और इनमे से बदबू आती रहती हैं, पता नहीं ये कब धुलते हैं या धुलते भी हैं या नहीं| ये फोटोग्राफर आपको खुद ड्रेस पहनायेगा और खुद ही आपके शरीर से उतरेगा भी भलेही आप कितना भी कह दो मैं खुद पहनता/पहनती हु| खास कर महिलाओं को ये खुद के हाथों से कश्मीरी कपडे पहनाते हैं| और कपडे पहनाते समय आपको गलत जगह छूने का मौका ढूंढते रहते हैं| बाकी इनसे फोटो खिचवाना या नहीं ये आपकी मर्जी हैं| ये एक फोटो के १५० रुपये लेते हैं| एक डिजिटल कलर प्रिंट को आप किसी भी ज़ेरॉक्स सेंटर पर भारत में कही पर भी गए तो ए४ साइज़ की प्रिंट १५ रुपये से ज्यादा नहीं होंगी पर ये पोस्ट कार्ड साइज़ का फोटो आपको १५० में देते हैं और आपके फोटो की सॉफ्ट कॉपी भी आपको नहीं दी जाती|

आगे ये शिकारा आपको अंडरवाटर खेती बताते हुए दल लेक के मीणा बाजार में पोहोचती हैं जहा आपको हर सामान चार गुना दामों पर बेचने के लिए होता हैं| आप दुकान में जाते हैं| देखते हैं| आपको कई चीजे पसंद भी आती हैं| पर दाम देख कर आप वहा से जाने लगते हैं तभी दूकानदार चिल्लाता हैं लो २०% डिस्काउंट रख लो| और आप डिस्काउंट के चक्कर में भी घाटे का सौदा कर आते हैं| फिर नगद भुगतान के अलावा आपके पास कोई विकल्प नहीं रहता और आप ऐसे ही भुगतान करते हैं क्यों की नेट सुविधा आपके फ़ोन में न रहने की वजह से आप ऑनलाइन पेमेंट नहीं कर पाते| अगर आपके पास नगद नहीं हैं तो दुकानदार आपको खुद wifi देगा और कहेगा ऑनलाइन पेमेंट करिए| पर ये याद रखना फ्री wifi आपके डाटा के चोरी का आपने खुद दिया हुआ निमंत्रण हैं| बाकी आप तो समझदार हैं ही, आपको सभी तरह के बैंक फ्रौड तो मालूम ही हैं|

फिर ये शिकारा आपको वापस वही छोड़ देता हैं जहा से आपने शुरू किया|

दल लेक से शंकराचार्य का मंदिर भी दिखता हैं पर पूरी शिकारा राइड में शिकारे वाला आपको उसके बारे में कुछ नहीं बताएगा और न ही वहाँ कैसे जाना हैं इसका रास्ता आपको कोई बताएगा क्यों की इन श्रीनगर वासियों के लिए शंकराचार्य का मंदिर एक काफिर जगह हैं जहा जाना इनके हिसाब से गलत हैं| अब अगर आप हिन्दू हैं और अपने ही मंदिर में नहीं गए तो ये आपके बारे में बोलेंगे की ये काफिर तो अपने ही मंदिर में नहीं जाते| और इसी आधार पर आपके धर्म को निचा दिखाया जाता हैं| और इसी भ्रम के साथ आपकी बेटियां और महिलाये जिहाद का शिकार होती हैं|

हो सकें तो जम्मू कश्मीर घुमने जाना चाहते हैं तो कृपया जम्मू डिवीज़न में घूमिये|

जय जय श्री राम!

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यहाँ तक पढ़ने के लिए धन्यवाद!

जय जय श्री राम!

© रिंकू ताई!


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